भारत- हमने देखा कि 31 मार्च को देश मे एल जमाती गैंग किस प्रकार सरकार व देशवाशियों के सामने आई थी।।
ये वही जमाती है जो हर साल इकठ्ठा होते है दिल्ली के निज्जमुद्दीन मरकज में और इसमे सामिल होने के लिए देश विदेश से लोग एकत्र होते है अपने धर्म के प्रचार प्रसार के लिए फिलहाल हम इसकी चर्चा बाद में करेंगे।।
आप जानते है 31 मार्च से को जिस प्रकार जमात वालों ने देश से विश्वासघात किया और देश को कोरोना वायरस के बीमारी में धकेल दिया ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योकि मरकज में शामिल होने आए करीब 5000 लोग थे जो धीरे धीरे अपने राज्य जा चुके थे जबकि बीमारी भारत मे जनवरी में ही आ चुकी थी अब आप समझिए कि इन सभी मे से किसी न किसी को कोरोना हुवा था और वो उसी जगह में था और हर कार्यक्रम में भाग ले रहा था चुकी लॉकडाउन की घोषणा 23 को की गई लेकिन ये जमात वाले वहाँ से बाहर अपने अपने देश और राज्य जाने में असमर्थ थे कारण अचानक लॉकडाउन भाई उससे पहले क्या कर रहे थे इतंजार या साज़िश ।
अब सरकार पुलिस सब सख्ती में आई और इनकी पूरी जानकारी इकठ्ठा करने लगी तो पता चला इन्होंने कोरोना पीड़ितों को भी उनके राज्य भेज दिया है जो संदिग्ध थे उनको भी चुकी किसी का भी परीक्षण नही हुवा था तो किसी की भी रिपोर्ट का कोई जानकारी किसी के पास नही था जैसे ही अगली दिन रिपोर्ट आना सुरु हुई सिस्टम हिल गया क्योकि मरकज में जाने वाले 100 में से 60 का कोरोना के लक्षण पाए जाने लगे और इसकी की जांच करते करते जब हर राज्यो की सूची निकली गयी और मरकज के जमातियों को चेक करने के लिए बुलाया गया और उनका चेक करने के लिए डॉक्टर्स की टीम जाने लगी तब जमातियों का घिनौना रूप सामने आने लगा वो बसों से थूकते थे डॉक्टर व पुलिस के ऊपर भी थूका थाकि सुरु कर चुके थे जिसके बाद सभी मीडिया वर्ग ने उनको आड़े हाँथ लिया और उनको कोरोना को भारत मे बढ़ाने का जिम्मेदार बताया जिसको देख मुस्लिम धर्म के धर्मगुरु सामने आने लगे और जमात वालो का साथ देते नजर आए हालांकि कुछ सरकार के पक्षधर रहे कुछ मुस्लिम वर्ग के लोग इनका विरोध भी किये परन्तु एक बहुत बड़ा तपका इनके साथ था कुछ सीधा इनकी मदद कर रहे थे कुछ छुप कर ।
इसी बीच बबिता फोगाट जो भारतीय कुश्ती चैंपियन है
ने जमात के लोगो को जाहिल बोला जिसको लेकर विवाद छिड़ गया ट्विटर पर जैसे युद्ध छिड़ गया लोग समर्थन में भी आये विरोध में भी लेकिन समर्थन के आगे किसी की नही चली हालांकि बबिता के समर्थन में कंगना रनौत, रंगोली ,बजरंग पुनिया जैसे और भी लोग समर्थन में आये , लेकिन विरोध में मोदी विरोधी एजेंड रही हमेशा से स्वरा भास्कर ने एक 9 मार्च से 19 मार्च तक अन्य धार्मिक स्थलों में पूजा पाठ चालू रहने का हवाला दिया और सवाल पूछा कि क्या इन सभी को का टेस्ट किया गया क्या ये कोरोना नही फैलाये वैसे भी दिल्ली पुलिस ने ही इजाजत दी थी तो आप ये सवाल भी पूछे सरकार से आखिर क्यों।
इतना सब होने के बाद आज कैलाश खैर जी जो जाने माने संगीतकार है भारत के ये किसी भी पहचान के मोहताज नही इन्होंने वीडियो बनाकर लोगो से कहाँ " ये लोग देश के दुश्मन है हमे इन्हें कभी नही भूलना चाहिए अभी जो विषाणु है वो तो चला जायेगा उसका शोध होगा इलाज होगा लेकिन ये लोग जो है ये लोगो को कभी नही भूलना कोरोना के जाने के बाद भी इन्हें याद रखा जाए और इनके ऊपर सख्त कार्यवाही भी किया जाए हमे इनसे बचना चाहिए''



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