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अप्रैल, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ये कोरोना है कि मरोना

नमस्कार दोस्तो आपका स्वागत है। ये कोरोना है कि मरोना है जब से आया है परेसान करके रखा है आखिर ये चाहता क्या है कोई बतायेगा, चीन से निकला पूरे विश्व मे फैला नाम है जिसका कोरोना अरे मैं भी बोलू तुम भी बोलो कोरोना कोरोना ,अब तो तुम भी रूकोना. #indiafightscorona भारत मेरा बोहोत ही प्यारा, सबको ये हमेशा से भाया  चीन हो या जापान हो ,अमेरिका हो या भूटान हो ईरान हो या इराक हो, ऑस्ट्रेलिया हो या अफगान हो जहां जहां भी थे भारतवाशी उन सब ले आया गुजरातवाशी देश मे सबको वापस लाया , कोरोना से इनको बचाया। बोला मेरी एक प्रार्थना आप सभी अकेले में रहना कुछ दिन के लिए गूफे में रहना। लेकिन ये नही न मानें खूब घूमे खूब नाचे एक दूसरे को कोरोना बाटे, लेकिन क्या करते बेचारे आदत से जो मजबूर थे प्यारे, पैसे की थी चमक के मारे। जैसे जैसे बढ़ा कोरोना ,सर पकड़ कर हो गया रोना अब देश की जान पे जो आंच आई प्रधानमंत्री ने दिमाग लगाई देश को पूरा कर दिया बंद कोई न घर से बाहर आये, कोई न किसी के घर को जाए। एक कदम भी अब न बढ़ाना , लक्षमण रेखा की लाज बचाना। लेकिन देश के लोगो ने नही जो मान...

पीएम गरीब कल्याण के तहद 33 करोड़ से ज्यादा लोगो को मिला फायदा

भारत - जैसा कि आप सभी जानते है देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान भारत सरकार के द्वारा वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने देश के हर गरीब को आधार के द्वारा उनतक पैसा मुहैया कराने का जिम्मा लिया था। जिसके दौरान 31,325 करोड़ रुपये बाटे गए है, जिसका सीधा लाभ उन गरीब परिवारों को मिलेगा जो इस संकट में आर्थिक रूप से असहाय हो चुके थे जनाकारी देते हुवे वित्त मंत्रालय ने कोरोना वायरस के दौरान जो आर्थिक मदद की है उसका पूरा विवरण दिया है, जिसके तहद अब तक 33 करोड़ से ज्यादा गरीबो लोगो को 31,325 करोड़ रुपये की मदद की गई है जो उनतक पहुँच गए है। किसानों को दिए 16,146 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री किसान योजना की पहली किस्त के तहद देश के 8 करोड़ किसानों को 16,146 करोड़ रुपये दिए गए है जो अप्रैल महीने में गरीब किसान में डाल दी गयी है इस योजना के तहद 2000 रुपये की पहली किस्त किसानों के खातो में सीधा डाला जा चुका है और हम सभी ने बैंक की लाइन हर न्यूज़ में देखे है किस प्रकार गाँव व छोटे छोटे शहरों में भी भीड़ दिखाई पड़ी है।। इसी क्रम में वित्त मंत्रालय ने  जानकारी दी कि कुल मिलाकर अब तक देश मे 140...

योगी आदित्य नाथ जी के पिता जी की हुई मौत जानिए योगी ने क्या कहा ।

उत्तर प्रदेश -   जैसा की आपको बता दे उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी के पिता जी का निधन  हो गया है जिनका इलाज एम्स में चल रहा था वो लिवर और किडनी के बीमारी से लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे। निधन 10 बजकर 40 मिनट में हुवा किडनी और लिवर की थी समस्या सीएम योगी को दी जनाकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आंनद सिंह बिष्ट का आज निधन हो गया । 89 साल के आंनद सिंह बिषतबक दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा था और उनकी हालत गंभीर थी वह कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे और उन्होंने आज अंतिम सांस ली। योगी जी के पिताजी उत्तराखंड के यमकेश्वर के पंचूर गांव में रहते थे व उत्तराखंड में फॉरेस्ट रेंजर पद पर थे वो 1991 में रिटायर हो गए थे उसके बाद से ही वे अपने गांव में रहते थे। जैसा कि योगी जी को खबर मिली तो उन्होंने कुछ इस प्रकार अपनी संवेदन व्यक्त की - अपने पूज्य पिताजी के कैलाशवासी होने पर मुझे भारी दुःख एवं शोक है। वे मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता है। जीवन मे ईमानदारी , कठोर परिश्रम एवं निस्वार्थ भाव से लोक मंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का...

पूरी जानकारी आज से लॉकडाउन में किन्हें छूट मिलेगी किन्हें नही

भारत-   जैसे कि सभी जानते है प्रधानमंत्री जी ने देश को संबोधन करते हुवे आखरी बार कहाँ था कि हम 20 तारीख से कुछ जगहों पर व्यवस्था चालू करेंगे जिससे गरीब , मजदूर व माध्यम वर्ग के लोगो को हम परेशानियों से बाहर निकाल सके। 👇 जिसको ध्यान में रखते हुवे प्रधानमंत्री जी ने कृषक वर्ग का खास ख्याल रखा है छोटे उद्योग, छोटे काम से जुड़े छोटे दुकान व आम जरूरतों से जुड़ी व्यवसायिक संस्थाए भी छूट के शामिल है। देश मे जानलेवा कोरोना वायरस का प्रहार जारी है भारत सम्पूर्ण लॉकडाउन के बाद आज कुछ छूट मिलने जा रही है। हालांकि ये छूट गैर हॉटस्पॉट वाले इलाकों में ही रहेंगी। केंद्र सरकार के द्वारा दी गयी तीन श्रेणी में से ग्रीन वालो हॉटस्पॉट में कुछ रियायत देने के लिए गाइडलाइंस जारी की थी। जरूरी सामानों की ऑनलाइन डिलेवरी इस लॉकडाउन में सरकार ने किसानों को खास ख्याल रखते हुवे छूट के दौरान किसान से जुड़े हर तरीके के कामों में छूट दी गयी है। वही, ऑनलाइन सिर्फ जरूरी सामानों की डिलेवरी हो सकेंगी क्योकि सरकार ये नहीं चाहती  की अभी भी भीड़ ज्यादा हो क्योकि खतरे को कम समझा जा सकता है हालाँकि समस्याओ...

क्या कोरोना 2014 से पहले भारत आता तो हम बचते ? जानिए जरा इन तथ्यो को ।

कोरोना को रोकने के लिए सामजिक दूरी (social distancing) बोहोत जरुरी है ये हम सभी को समझना पड़ेगा।  भारत -  जैसा की देश में अभी हम भारत के नागरिक कोरोना से जितने के लिए युद्ध कर रहे है की किसी भी तरह  से कोरोना को भारत के निकाल फेंका जाये और कोरोना मुक्त भारत जल्द  हो जाये । अब हम बात करते है क्या कोरोना भारत मे 2014 के पहले आता तो भारत की स्थिति क्या रहती और भारत इससे किस प्रकार लड़ता क्या भारत की राजनीतिक शक्ति इससे लड़ने मे जनता का सहयोग मांगती या किसी और माध्यम मे कोरोना से लड़ती जैसा की विपक्ष चाहता है सिर्फ मेडिकल फेसिलिटी और दवाइयो के बदौलत ही जीत जाते खैर विपक्ष का हमला हमला हमेशा देशहीत मे न रहकर देश विरोध मे ज्यादा रही है अब इसी माध्यम से हम बात करते है की अगर देश मे हुवे चुनाव 2014 मे देश मे मौजूदा सरकार नही होती तो गठबंधन की सरकार हमको देखने को मिलता जैसा की सभी जानते थे । देश मे 2014 के चुनाव मे क्या हुआ आप सभी जानते है देश मे हुवे 2014 के लोकसभा चुनाव मे देश को गुजरात के मुख्यमंत्री रहे माननीय नरेंद्र दामोदर मोदी को सत्ता का दायित्व संभालने के लिए देश...

आखिर कौन लोग जमातियों का विरोध कर रहे है ? जानिए

भारत - हमने देखा कि 31 मार्च को देश मे एल जमाती गैंग किस प्रकार सरकार व देशवाशियों के सामने आई थी।। ये वही जमाती है जो हर साल इकठ्ठा होते है दिल्ली के निज्जमुद्दीन मरकज में और इसमे सामिल होने के लिए देश विदेश से लोग एकत्र होते है अपने धर्म के प्रचार प्रसार के लिए फिलहाल हम इसकी चर्चा बाद में करेंगे।। आप जानते है 31 मार्च से को जिस प्रकार जमात वालों ने देश से विश्वासघात किया और देश को कोरोना वायरस के बीमारी में धकेल दिया ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योकि मरकज में शामिल होने आए करीब 5000 लोग थे जो धीरे धीरे अपने राज्य जा चुके थे जबकि बीमारी भारत मे जनवरी में ही आ चुकी थी अब आप समझिए कि इन सभी मे से किसी न किसी को कोरोना हुवा था और वो उसी जगह में था और हर कार्यक्रम में भाग ले रहा था चुकी लॉकडाउन की घोषणा 23 को की गई लेकिन ये जमात वाले वहाँ से बाहर अपने अपने देश और राज्य जाने में असमर्थ थे कारण अचानक लॉकडाउन भाई उससे पहले क्या कर रहे थे इतंजार या साज़िश । अब सरकार पुलिस सब सख्ती में आई और इनकी पूरी जानकारी इकठ्ठा करने लगी तो पता चला इन्होंने कोरोना पीड़ितों को भी उनके राज्य भेज ...

आखिर कोरोना भारत मे किन कारणो से फैला ? पार्ट 2

जैसा की आपने पिछला पोस्ट पढ़ा होगा यदि नही तो जरूर पढे ताकि आपको सारी बात समझ मे आए की भारत मे कोरोना का प्रभाव कैसे फैला । पिछला पोस्ट पढ़ने के लिए लेबल मे जाकर कोरोना वाइरस को क्लिक करे आपको यहा मिल जाएगा । आखिर कोरोना भारत मे किन कारणो से फैला ? पार्ट 1- April 16, 2020 सरकार ने लोगो क्या - क्या निर्देश दिये थे   लोग बार बार हांथ धोये  दूसरों से दूरी बनाकर रखे खासकर उनसे जो बीमार व्यक्ति हो अपने आँख , नाक और मूह को बिना हांथ धोये न छुवे किसी को खांसी या छिंक आए तो वो रुमाल का उपयोग करे या मास्क का उपयोग करे  लॉकडाउन के बाद आप सभी जानते है जैसे ही लॉकडाउन का फैसला लिया देश की आम जनता अपना आपा खो गयी और किरानों की दुकानों मे समान लेने के लिए दौड़ पड़ी जैसे की उन्हे राशन मिलने बंद हो जाएंगे और जो अप्रवशी मजदूर थे वो भी 21 दिनो का लॉकडाउन सुनकर अपने अपने घरो को जाने के लिए पैदल या अन्य रिक्शा जैसे साधनो से भागने लगे जो उनके साथ साथ उनके परिवार को भी संकट मे दाल सकती थी लेकिन आप अनुभव कीजिये उनकी पीड़ा का की उनको कितना दर्द हुआ होगा कोई माँ अपने 2 ...

आखिर कोरोना भारत मे किन कारणो से फैला ? पार्ट 1

भारत -   नमस्कार दोस्तों आइये जानते है किन कारणों से भारत देश में कोरोना बढ़ा आखिर कहाँ कमी हुई                                     जिसके कारण देश में कोरोना  अपना पैर पसारने जा रहा है। जैसा की आप सभी जानते है की कोरोना भारत में जनवरी माह में ही अपना कदम रख चूक था परन्तु जिस प्रकार पूरी दुनिया इसका प्रभाव जानने में अनजान थी उसी प्रकार भारत भी क्योकि शुरुवात में इससे जुडी परेशानी और इससे कितनी नुकसान होने की संभावना है ये चीन के अलावा कोई और देश नहीं जानता था।  अब बात जो सामने आयी है की जनवरी माह में दुनिया के स्वास्थ का जिम्मा लेने वाली संस्था (WHO ) विश्व स्वास्थ संगठन के अध्यक्ष चीन में किसी कार्यक्रम में शामिल हुवे थे ये बात तो तब की है जब इस आफत से  पूरा विश्व चिंतित नहीं था।  चीन की चोरी जो सामने आई है उससे विश्व का एक हिस्सा बोहोत ही नाराज है और उसके  ऊपर की जाने वाली कार्यवाही का इंतज़ार कर रहा है। जिससे की दुनिया के सभी समृद्ध व शक्तिशाली राष...

जानिए बांद्रा की भीड़ आखिर आई कैसे? कौन था वो जिसने लोगो को इक्कठा करवाया।

बांद्रा- महाराष्ट्र में बांद्रा स्टेशन की घटना जिसको देखकर पूरा भारत क्रोध के साथ साथ गहरी सोच में डूब गया जिस प्रकार महाराष्ट्र में कोरोना का विस्तार हुआ है उसको ध्यान में रखते हुवे कल की जो घटना हुई वो बेहद ही डरावना था।। आपको बता दे कि विनय दूबे नामक एक व्यक्ति ने फेसबुक में वीडियो बनाई और लोगो को उसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने के लिए कहाँ उस व्यक्ति का उस वीडियो के माध्यम से कहना था कि जो लोग उत्तर भारत से मुम्बई में कार्य करने आये है वो पिछले 21 दिनों से भारत सरकार द्वारा किये गए लोकडाउन के कारण फंसे हुवे है उन माइग्रेंट वर्कर्स को वो 50 बसों की व्यवस्था कराएगा और जो जिस भी शहर या गाँव का है उसे वहाँ तक पहुचायेंगे अगर भारत सरकार और राज्य सरकार अनुमति दे तो अब मामला ये है कि उसने वीडियो को सोमवार को ही पोस्ट किया और लोगो को शेयर करने को कहाँ जो देखते ही देखते वायरल भी हो गयी ।। अब आप इसकी भूल समझे या सोची समझी साजिश क्योकि उसको सरकार के द्वारा कोई भी अनुमति नही मिली थी उसने कहाँ 14 अप्रैल को अगर लोकडाउन खत्म होता है तो मैं उन्हें उनके घर छोड़ने की व्यवस्...

क्या घर बैठे आप अपना जनधन खाता का पैसा जानना चाहते है तो आइये देखे कैसे?

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने जनधन खातों में पैसा ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है. ज्यादातर लोग अभी भी बैलेंस पता नही कर पा रहे है केयोकि लॉकडाउन की स्थिति में लोगों का बैंक जाना संभव नहीं है. ऐसे में एक आसान तरीका निकाला गया है जिसमे सिर्फ एक मिस कॉल करके आप जान सकेंगे अपना बैलेंस... एसबीआई ने शुरू की सुविधा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने खाताधारकों के लिए ये सुविधा शुरू की है. जिनका खाता जनधन वाला है वो 18004253800 या फिर 1800112211 पर कॉल करके अपना बैलेंस जान सकते हैं. खाताधारक को अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से यहां कॉल करना होगा. आप एक बार में अपने पांच ट्रांसजेक्शन के बारे में जानकारी ले सकेंगे. इसके अलावा खाताधारक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9223766666 पर कॉल करके भी ये सभी जानकारियां ले सकते हैं.  अगर आपका फोन नंबर रजिस्टर्ड नही है तो ऐसे कराये आप इस 09223488888 पर भी मैसेज भेज कर अपना नंबर खाते के साथ रजिस्टर्ड करा सकते हैं. इसके लिए आपको REG AccountNumber लिखकर भेजना होगा. facebook page-   https://www.facebook.com/hindustanira...

किसान की गलती क्या है? किसानों का सम्मान करें उनका तिरस्कार नहीं।

आज देश का हर वर्ग चाहता है घर पर रहे सुरक्षित रहे। परन्तु किसान की पीड़ा ये है कि खेती नही करेगा तो खुद के साथ साथ देश की जनता भी मरने लगेगी लेकिन क्योकि खेती नही होगी तो अनाज नही होगा और सरकार को परेसानी का सामना करना पड़ेगा। आइए कुछ तथ्य है देश के किसानों की परेसानी व उनकी तकलीफ के।।  देश मे मंहगाई सिर्फ प्याज सब्जी पेट्रोल डीजल फल तेल दालो के भाव से बढती है। लेकिन कभी मीडिया ने बताया कैसे 1 रू किलो का नमक 15 रू हो गया । कैसे  वाशिंग पावडर के भाव भी बढाये गये और पैक छोटे होते गये। कैसे टूथपेस्ट और साबुन छोटे होते गये ओर रेट बढते गये। कैसे रोजगार के लिये आयोजित परीक्षाओ की फीस बढती गई। कैसे 30 रू मे मिलने वाले जूते 130 के हो गये। कैसे मुफ्त पिलाया जाने वाला पानी 20 रू लीटर मे बिक रहा है। कैसे 50 रू मिलने वाली सीमेंट 300 हो गई। कैसे सरसो का भाव वही रहा पर सरसो तेल का भाव दुगुना हो गया। कैसे 35 हजार मे बिकने वाली मोटर सायकल 70000 हजार की हो गइ। केसे 2 लाख 50 हजार का ट्रेक्टर 6 लाख का हो गया। कैसे  50 पैसे की इंट 5 रू की हो गई। क...

आखिर आज भी दलित समृद्ध क्यो नही हो सकें इसका कारण क्या है?

                                      आखिर दलित आज भी समृद्ध नही है ऐसा क्यो?  जबकि देश के संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने संविधान में दलित समुदायों को आगे आकर शिक्षा के साथ नॉकरी में दाखिल होने व पदोन्नति तक कि सुविधा मुहैया कराई थी। परन्तु आज भी दलित समुदाय के लोग पिछड़े व गरीब क्यो है इसका कारण क्या है आइए प्रकाश डाले। गौरतलब है कि देश के हर राज्य में दलितों में आने वाली जातिया अलग-अलग है जिससे कई राज्य में दलित वर्ग को सामान्य व पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में शामिल होना पड़ता है तथा उनके बच्चो के लिए शिक्षा महंगी पड़ती है जिसके कारण बोहोत से परिवार अपने बच्चों को शिक्षा देने में असमर्थ हो जाते है। जहां पर ये व्यवस्था उपलब्ध है अर्थात जिन राज्यो में दलितों को सरकार द्वारा जो सुविधा मिलती है वो उन्हें मिलती है लेकिन आप ध्यान दे सुविधा मिलने का मतलब ये है कि उन्हें वो मांग करनी होगी आवेदन देना होगा तब स्वीकृति या आगे की जो सुविधाएं है वो उन्हें मिलेंगी । 1) अब प्रश्न ये है कि ...

क्या आप भूल गए जालियावाला बाग की घटना ?

           भारत के इतिहास में वैसाखी की घटना की वो तारीख कभी भी भूली नहीं जा सकती है। 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के पर्व पर पंजाब में अमृतसर के जलियावाला भाग में ब्रिटिश ब्रिगेडियर जनरल रेजीनॉल्ड डायर द्वारा किये गए निहत्थे लोगो के हत्याकांड से केवल ब्रिटिश राज की बर्बरता का ही परिचय नहीं मिलता, बल्कि इसने भारत के इतिहास की धारा बदल दिया। आजादी के आंदोलन की कामयाबी को देखते हुवे ब्रिटिश राज ने अहंकार से परिपूर्ण होकर कुचलने के रास्ता अपनाया और पंजाब के दो बड़े नेताओं को सत्यपाल और डॉ किचलू को गिरफ्तार कर के निर्वासित कर दिया जिससे अमृतसर में लोगो का गुस्सा फूट पड़ा था। facebook page -  https://www.facebook.com/hansikapitaranews/ जैसे ही पंजाब प्रशासन को यह खबर मिली सभी लोग 13 अप्रैल को बैसाखी के दिन सभी आंदोलनकारी जलियावाला बाग में इकट्ठा होने लगे ब्रिटिश शासन ने उन्हें कुचलने की ठान ली और पंजाब के सैनिक की और टुकड़ी बुलवा ली जिसका देखरेख जनरल डायर ने सम्भाली थी और वह 11 अप्रैल की रात को अमृतसर पहुँच गए और अगले दिन शहर में फ्लैग मार्च भी ...