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जानिए बांद्रा की भीड़ आखिर आई कैसे? कौन था वो जिसने लोगो को इक्कठा करवाया।

बांद्रा- महाराष्ट्र में बांद्रा स्टेशन की घटना जिसको देखकर पूरा भारत क्रोध के साथ साथ गहरी सोच में डूब गया जिस प्रकार महाराष्ट्र में कोरोना का विस्तार हुआ है उसको ध्यान में रखते हुवे कल की जो घटना हुई वो बेहद ही डरावना था।।



आपको बता दे कि विनय दूबे नामक एक व्यक्ति ने फेसबुक में वीडियो बनाई और लोगो को उसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने के लिए कहाँ उस व्यक्ति का उस वीडियो के माध्यम से कहना था कि जो लोग उत्तर भारत से मुम्बई में कार्य करने आये है वो पिछले 21 दिनों से भारत सरकार द्वारा किये गए लोकडाउन के कारण फंसे हुवे है उन माइग्रेंट वर्कर्स को वो 50 बसों की व्यवस्था कराएगा और जो जिस भी शहर या गाँव का है उसे वहाँ तक पहुचायेंगे अगर भारत सरकार और राज्य सरकार अनुमति दे तो अब मामला ये है कि उसने वीडियो को सोमवार को ही पोस्ट किया और लोगो को शेयर करने को कहाँ जो देखते ही देखते वायरल भी हो गयी ।।
अब आप इसकी भूल समझे या सोची समझी साजिश क्योकि उसको सरकार के द्वारा कोई भी अनुमति नही मिली थी उसने कहाँ 14 अप्रैल को अगर लोकडाउन खत्म होता है तो मैं उन्हें उनके घर छोड़ने की व्यवस्था करूँगा और 15 अप्रैल को उन्हें उनके घर छोड़ने के लिए निकल जाएंगे। जिसके लिए हम सरकार से अनुमति लेने की कोशिस में है क्योकि जिस तरह से लोग फंसे है वो भूखे भी मर सकते है उनके पास सरकार के द्वारा किये जाने वाले सामग्री की व्यवस्था पूर्ण नही हो या रही व पैसों के कंगाली के कारण लोग भयभीत हों चुके है परेशान हो चुके है और वो सिर्फ और सिर्फ घर जाना चाहते है, तब चुकी उसने स्पष्ठ कुछ भी नही कहाँ था उसने एक अफवाह के तहद ये किया जिसके कारण जो लोग जहां थे वहाँ से आकर बांद्रा के स्टेशन में इकठ्ठे हो गए ।
विनय दूबे के बारे में कुछ महत्पूर्ण जनाकारी
अब आपको हम विनय दूबे के बारे में जानकारी दे वो एक संस्था चलाता है जिसका नाम महापंचायत है और वो मजदूरों का नेता भी बनता है  विनय दुबे शाहीन बाग में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल भी हुवा है और वो फेसबुक में मुस्लिमों का समर्थन व उनको देशभक्त बताने वाली टिप्पणी भी पोस्ट करता है और उसने एक अन्य पोस्ट में उन्ही उत्तर भारतीयों को गलत बोलते हुवे कहाँ है कि तुम उत्तर भारतीयों मुम्बई में कमाने आये हो चुप चाप से कमाओ शोर मत मचाओ उसकी ये पोस्ट जनवरी की गई थी और आज अचानक वो उन्ही उत्तर भारतीय का हितैषी कैसे बन गया ये सोचने का विषय है।।
कानूनी कार्यवाही जो कि गयी
मुम्बई पुलिस ने अफवाह फैलाने के तहद उसे गिरफ्तार कर लिया है और जांच भी की जा रही है कि क्या ट्विटर और फेसबुक के पोस्ट सम्भावित रूप से उन अफवाहों के लिए जिम्मेदार है  अथवा नही, जिनके कारण लोग लोकडाउन के नियमो को तोड़ते हुवे बांद्रा के स्टेशन पर इकठ्ठा हो गए। महाराष्ट्र में माइग्रेंट ज्यादातर मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार के रहने वाले ज्यादा है।
अब घटना स्थल पर पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ा दी है , स्टेशन से सटे हुवे मस्जिद और झोपड़ियों के स्थल पर पूरी तरह बेरिकेटिंग कर के घेर दिया है इस मामले के 3 एफआईआर भी दर्ज हुवे है 
1) उन अज्ञात 1000 लोगों के ऊपर जो अफवाहों में शामिल है
2) विनय दूबे के ऊपर
3) लोकल न्यूज़ चैनल के ऊपर
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