आज देश का हर वर्ग चाहता है घर पर रहे सुरक्षित रहे।
परन्तु किसान की पीड़ा ये है कि खेती नही करेगा तो खुद के साथ साथ देश की जनता भी मरने लगेगी लेकिन क्योकि खेती नही होगी तो अनाज नही होगा और सरकार को परेसानी का सामना करना पड़ेगा।
आइए कुछ तथ्य है देश के किसानों की परेसानी व उनकी तकलीफ के।।
देश मे मंहगाई सिर्फ प्याज सब्जी पेट्रोल डीजल फल तेल दालो के भाव से बढती है।
लेकिन कभी मीडिया ने बताया कैसे 1 रू किलो का नमक 15 रू हो गया ।
कैसे वाशिंग पावडर के भाव भी बढाये गये और पैक छोटे होते गये।
कैसे टूथपेस्ट और साबुन छोटे होते गये ओर रेट बढते गये।
कैसे रोजगार के लिये आयोजित परीक्षाओ की फीस बढती गई।
कैसे 30 रू मे मिलने वाले जूते 130 के हो गये।
कैसे मुफ्त पिलाया जाने वाला पानी 20 रू लीटर मे बिक रहा है।
कैसे 50 रू मिलने वाली सीमेंट 300 हो गई।
कैसे सरसो का भाव वही रहा पर सरसो तेल का भाव दुगुना हो गया।
कैसे 35 हजार मे बिकने वाली मोटर सायकल 70000 हजार की हो गइ।
केसे 2 लाख 50 हजार का ट्रेक्टर 6 लाख का हो गया।
कैसे 50 पैसे की इंट 5 रू की हो गई।
कैसे 300 रू का खाद 1200 का हो गया।
कैसे 100 रू की कृषि दवा 500 की हो गई।
कैसे सोयाबीन का रेट 3600 और सोयाबीन बीज का रेट 5500 हो गया।
कैसे कैसे कैसे कैसे????????????????????
और हा आखिर कैसे बढती महँगाई मे । ।
प्याज 20-25 से 1-2 रू किलो हो गया।
कैसे 10हजार की मैथी 2000 हो गई
कैसे 7000 का मसूर 3000 हो गया।
कैसे कैसे?????????????
अब शायद आपकी समझ मे आ रहा होगा मंहगाई की तौबा सिर्फ कृषि उत्पादो की कीमते बढने पर होती है, और चीज जो भी भाव मिले कोई बात नही।
और तो और पानी 20 रू लीटर का बोटल वाला पीयेंगे पर दूध के 40 रू लीटर पर आंदोलन व खबर बन जायेगी।।
आखिर क्यो सब किसान व कृषि को मिटाने चले है।
क्यो #अन्नदाता को आगे नही बड़ने दे रहे है |
किसानों की आय डबल क्यों नही?
#किसान खेत में मरता है और बेटा फौज में,
#नेता देश में ऐश करता है उसका बेटा विदेश में।।
नोट :- किसान की बदहाली का कारण सरकार की नीति व कमजोर व्यवस्था है जो किसान के वर्षों पुरानी समस्याओं को आज भी नही सम्भाल सका। किसान की परेसानी ये है कि उसके द्वारा उत्पात की जाने वाली वस्तु का कभी भी सही मूल्य नही मिला जिसके कारण कितनो ने किसानी छोड़ दी जिसके कारण खाद्य सामग्री की कमी होने लगी और सरकार को वीदेशों से आयात करने पड़ता बै जिसके कारण समान मंहगा मिलता है।।
इसलिए देश के स्थिति सुधार पूंजीपतियों के स्थिरता से नही अपितु किसान की स्थिरता से सम्भव है।।
संदेश को आगे शेयर करे और लोगो को जागरूक करे को लोग कोशिस करे किसान की आय बढ़े ।।
इसलिए हम हर एक भारतीय को इसके लिए आवाज उठाना चाहिए क्योंकि इसका सीधा सम्बन्ध हमसे भी है।।
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