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TOP 5 NEWS- जो देश मे दबाई जाती है

Top 5 News
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देश मे दबाई जाती है

नमस्कार आज हम बात करेंगे देश के मुख्य पांच खबरों के वह पांच खबर जो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व प्रिंट मीडिया पर छुपाई जाती है।


Top news

  1.  उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद लिबरल्स की नींद उड़ गई

जैसा कि आप सभी जानते हैं उमर खालिद को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद को दिल्ली पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था फरवरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में दिल्ली के कई इलाकों में दंगे हुए थे और उमर खालिद का नाम भी उस दंगों को भड़काने या उस दंगे को करवाने के लिए षडयंत्र रचने का आरोप है
 

 

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने  उमर खालिद पर गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया था और पुलिस ने से लगभग 11 घंटे की पूछताछ की इसके बाद एक खबर आई कि उमर खालिद दिल्ली दंगों के मामले में शामिल होने की वजह से गिरफ्तार किया गया है।

 जैसे ही यह खबर न्यूज़ में आई वैसे ही लिबरल गैंग, बॉलीवुड गैंग ,टुकड़े टुकड़े गैंग सोशल मीडिया पर विधवा विलाप शुरू कर चुके हैं।

 

 तमाम लिबरल गैंग उमर खालिद की गिरफ्तारी पर एक से एक प्रतिक्रिया बयान बाजी कर रहे हैं।

 एक पत्रकार है सबा नकवी जो इस गिरफ्तारी को गलत बता रही है और जांच एजेंसी की भूमिका पर भी सवाल उठा रही हैं इनका कहना है कि उमर खालिद निर्दोष है उसे अपराधी बनाया जा रहा है।

 

जिसके बाद स्वरा भास्कर जैसी बॉलीवुड गैंग की मुख्य नेता यह कह रही है कि यूएपीए को ही खारिज कर देना चाहिए साफ शब्दों में इनका कहना है कि यूएपीए का कानून खत्म कर देना चाहिए क्योंकि इसके तहत उमर खालिद की गिरफ्तारी हुई ।

 

जिसके बाद अभिनेता मोहम्मद जीशान अय्यूब ने अपने ट्वीट में लिखा कि इस देश में अल्पसंख्यक होना किसी अपराध से कम नहीं है अगर कोई अहिंसा या संविधान की बात करता है तो उसे सूली पर चढ़ा दिया जाता है आगे उन्होंने कहा इस देश में अब अल्पसंख्यक होना गुनाह है सही होना उससे भी बड़ा अपराध है।

 

पत्रकार तवलीन सिंह ट्वीट करके यह कहा की उमर खालिद गिरधारी इसलिए हुई है कि कि वह मुस्लिम है आगे उन्होंने कहा कि कोई ऐसे हिंदू के बारे में जानता है जिसे दिल्ली दंगे भड़काने के लिए गिरफ्तार किया गया हो।

 

उसके बाद प्रशांत भूषण ,योगेंद्र यादव ,प्रतीक सिन्हा सिद्धार्थ ,राणा अयूब और अन्य लोगों ने भी अपनी प्रतिकृया दी है। 

 

2. रिपब्लिक भारत के पत्रकार को मिली बेल कुल 138 घंटे का समय लिया गया

जैसा कि आप सभी जानते हैं लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होता है समाचार और उसी समाचार पर शिवसेना चाहती है कि पत्रकार और पत्रकारिता उनके घुटने टेक दे हम बता दें कि रिपब्लिक भारत के पत्रकार रायगढ़ में रिपोर्टिंग कर रहे थे जो कि महाराष्ट्र सरकार के कार्यशैली की जांच कर रही थी जिसने रिपब्लिक टीवी के पत्रकार अनुज कुमार वीडियो जनरलिस्ट यशपाल की और ओला कैब ड्राइवर प्रदीप दिलीप धनावडे को गिरफ्तार कर लिया गया था।

 

जिसके बाद रिपब्लिक मीडिया के संस्थापक अर्णव गोस्वामी ने कहा यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ प्रहार है शिवसेना चाहती है कि हम उनके सामने घुटने टेक दें वह हमसे हमारे रिपोर्ट करने के मूल अधिकार को छीन ना चाहते हैं संविधान के अनुच्छेद 19 (ए) के तहत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है हमारी कवरेज सच के लिए है सत्ता से डरे बिना।

 

रिपब्लिक मीडिया ने कहा की देशव्यापी मुहिम के कारण यह संभव हो पाया है कि हमारे जो रिपोर्टर थे उनकी खालापुर कोर्ट से जमानत मिल गई। रिपब्लिक ने इस कार्रवाई को अवैध करार दिया और रिपब्लिक इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक भी पहुंच गया था।

3.  चीनी मीडिया दहशत में कार्टून वाले वीडियो से डरे चाइनीस

इन दिनों चाइना में एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी बंदूकों के साथ गोली चलाते हुए दिख रहे हैं और चाइना के बेन किए गए ऐप जैसे ब्यूटीप्लस ,लूडो किंग,  वीचैट, टिक टॉक पब्जी जैसे तमाम एप्लिकेशन का शिकार करते हुए दिखाई जा रहा है इस वीडियो को इंडिया टुडे ने 8 सितंबर 2020 को अपलोड किया था।

 

चीनी मीडिया के अनुसार पीएम मोदी के द्वारा प्रतिबंधित किये गए एप्लिकेशन है जिस पर निशाना बनाकर उनकी राष्ट्रीय भावना को आहत किया गया है और चीन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि चीनी सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे आतंकवाद और चीन के खिलाफ राष्ट्रीय भावना को भड़काने के रूप में समझा है।

 

जैसा कि आप समझ सकते हैं कि सीमा विवाद के तनाव के बीच चीनी सरकार और भारतीय सरकार की खूब खींचातानी हुई है और बॉर्डर पर सेना के उच्च अधिकारियों की भी मीटिंग और वार्तालाप हो रही है और यह वार्तालाप रूस में भी विदेश मंत्री के रूप में बैठक हो चुकी है जिसका परिणाम क्या निकला।

 

 यह समय बताएगा लेकिन जिस प्रकार से एक व्यंग और एक कानून को लेकर चीनी मीडिया इसे जिस तरह बढ़ा चढ़ाकर दिखा रही है और वह अपने राष्ट्रीय हित को साधने में लगी है कि चीन के लोग किस प्रकार से वहां की सरकार के समर्थन में आए और भारत विरोधी एजेंडा परोस सकें।

4.  समलैंगिक विवाह पर हाईकोर्ट में केंद्र ने किया विरोध

सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार के पक्ष में रखते हुए कहा कि हमारा कानून समाज और मूल्य मान्यता नहीं देता है हिंदू मैरिज एक्ट समलैंगिक विवाह की अनुमति नहीं देता इस कानून के तहत सिर्फ एक आदमी एक औरत के बीच शादी हो सकती है।

 

दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी इसमें हिंदू मैरिज एक्ट 1956 के तहत चल रहे कि विभाग की मान्यता देने की बात कही गई थी याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि अधिनियम में ऐसा कहीं नहीं लिखा कि शादी आदमी और औरत के बीच ही होनी चाहिए सोमवार 14 सितंबर 2020 को दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई की गई।

 

किसने केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने इस याचिका का विरोध करते हैं हुए कहा कि हमारा कानून समाज और मूल्य मान्यता नहीं देते हैं हिंदू मैरिज एक्ट समलैंगिक विवाह की अनुमति नहीं देता है।

 

क्योंकि क्योंकि एक आदमी और एक औरत के बीच की शादी हो सकती है इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि हमें भूलना नहीं चाहिए कि सर्वोच्च न्यायालय ने सिर्फ सब लगी को अपराध के दायरे से बाहर किया है न्यायालय ने इस मुद्दे पर इसके अलावा और भी कुछ कहा है।

 

मेहता का कहना है कि याचिका हलफनामा दायर किए जाने लायक नहीं इतना ही नहीं यह सर्वोच्च न्यायालय ने समलैंगिक विवाह के बारे में कुछ नहीं कहा इसलिए इस मान्यता देने की मांग करने का कोई मतलब नहीं है

 

इलाहाबाद दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐसे लोगों की सूची सौंपने के लिए कहा जिन लोगों को हिंदू मैरिज एक्ट के तहत समय की व्याख्या स्टेशन करने से मना कर दिया गया था वही के सरकार ने कानून और संस्कृति का हवाला देते हुए समलैंगिक विवाह का विरोध किया इस मामले पर अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।


याचिकाकर्ताओं के नाम कुछ इस प्रकार है अभिजीत अय्यर एम ,मित्रा गोपी संघर हेम की थी ठंडानी और जी उर्वशी ने दायर की ।

5.  प्रशांत भूषण ने जमा किया एक रुपए का जुर्माना भरने का मतलब यह नहीं कि मुझे आदेश स्वीकार है

सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा 31 अप्रैल 2020 को आपराधिक अवमानना के मामले में वकील प्रशांत भूषण पर 1  का जुर्माना लगाया गया था जिसके बाद ही प्रशांत भूषण ने कहा कि वह जुर्माना भरेंगे और उसके भी खिलाफ  पूर्ण विचार याचिका दायर करेंगे ।

 

अवमामना केस में सुप्रीम कोर्ट की ओर से लगाया गया है ₹1 का जुर्माना प्रशांत भूषण ने भर दिया है जुर्माना भरने के बाद उन्होंने कहा कि मैंने जुर्माना भर दिया है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह अपनी गलती स्वीकार करते हैं बल्कि वह अदालत के इस निर्णय को स्वीकार कर रहे हैं मैं इस आदेश के विरुद्ध पुनर याचिका दायर करने जा रहा हूं।

प्रशांत भूषण जुर्माना भरते हूवे 


जानते होंगे प्रशांत भूषण कई बार जनता के हाथ से पिट चुके हैं और वह केंद्र सरकार और जितनी भी एजेंसी है और न्यायालय है उसके ऊपर अपनी टीका टिप्पणी करते बाज नहीं आते यह इनका एक स्वाभाविक चलन हो चुका है क्योंकि बेशर्मी की जितनी भी हरे हैं वह पार कर चुके हैं उनको ट्विटर पर हो या अदालत कहीं भी कोई भी पेट के चला जाता है।

 

एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिस चीज के लिए मुझे दोषी ठहराया है वह एक भारतीय नागरिक होने के नाते में सबसे बड़ा कर्तव्य है बयान में भूषण ने कहा कि उनके ट्वीट का देश सुप्रीम कोर्ट की अवमानना नहीं था।


 वे सुप्रीम कोर्ट के अपने शानदार रिकॉर्ड से भटकने को लेकर नाराजगी की वजह से किए गए थे भूषण ने कहा सुप्रीम कोर्ट के द्वारा लगाए गए जुर्माने की रिव्यू पिटीशन फाइल करने का मुझे कार है कोर्ट ने मुझ पर जो जुर्माना लगाया है उसका मैं एक नागरिक के तौर पर कर्तव्य निभाते हुए भुगतान करूंगा।

 

पढ़ने के लिए धन्यवाद दी गई जानकारी को साझा करें व और भी लोगों तक पहुंचाये जिससे कि जो देश की असली खबरें हैं वह छुप ना सके वह हर एक भारतवासी तक पहुंचे।

 

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