सम्पूर्ण मतदान से होगा राजनैतिक भ्रष्टाचार मुक्त भारत
हमने भारत को अंग्रेज़ो से तो आज़ादी ले ली पर क्या आज भी हम आज़ाद है ये सवाल हम हर एक भारतीय नागरिक को खुद से करना चाहिए क्योकि सवाल खुदसे करेंगे तभी जवाब मिलेगा । आजाद भारत मे भी शासन के नाम पर वही शोषण , अन्याय , अत्याचार एवं भ्रष्टाचार शिखर पर है , पूरे देश मे असुरक्षा एवं अविश्वास का वातावरण है । ऐसे मे एक साफ नियत वाली चिंतन की आवश्यकता है , जिससे की हम सत्ताओं के शीर्ष पर बैठे अधिकांश भ्रष्ट , बेईमान व अपराधी किस्म के लोगो को सत्ताओ से बाहर कर देश मे एक नई आज़ादी ला सकें और देश की सत्ता राष्ट्रवादी , पराक्रमी , पारदर्शी , दूरदर्शी , मानवतावादी , अध्यात्मवादी व विनयशील , देशभक्त - ईमानदार लोगो के हांथ मे दे दिया जाए जिससे एक शक्तिशाली लोकतान्त्रिक भारत बना सकें ।
हम जीतने भी सांसद या विधायक चुनते है जिसे हम सरल भाषा मे जन प्रतिनिधि कहते है जिनको हम चुनकर देश व राज्य की सत्ताओं के शीर्ष पद व संसद मे बैठाते है वह संसद राष्ट्र की शक्ति व संपत्ति का सर्वोपरि केंद्र है । देश की संसद ही देश की पूरी व्यवस्था बनाने के लिए है जिसमे की देश के शिक्षा , स्वास्थ , अर्थव्यवस्था , कानून व सुरक्षा , रोजगार व अन्य कार्यो की जवाबदेही सरकार की होती है जो केंद्र पर राज करती है देश की कृषि व्यवस्था को उन्नत बनाना , जिससे कि देश मे भूख व अन्न कि समस्या न हो और देश कि श्रमशक्ति का सही उपयोग करके देश से बेरोजगारी , गरीबी , भूख व अशिक्षा को मिटाकर देश का विकास करना , देश कि सरकार कि ज़िम्मेदारी होती है । यदि देश कि राजनीति ठीक होती है तो देश कि पूरी व्यवस्था ठीक चलती है जिससे कि देश के नागरिकों मे खुशी का माहौल रहता है । राजनीति , राष्ट्रवाद , राष्ट्रधर्म से हमारा अभिप्राय है राष्ट्र कि उन सभी व्यवस्था , नियम - कानून , आदर्श - मूल्य व परंपरा से है जिनपर चलकर देश मे सुख - समृद्धि एवं खुशहाली आती है और देश निरंतर विकास कि दिशा मे आगे बढ़ता है । लेकिन दुर्भाग्य से देश कि सरकार को दिशा निर्देश देने वाला ही आज तक सही नही मिला जिसके कारण पूरे देश कि हालत अभी भी खराब है और इनके कारण देश मे भ्रष्टाचार है और भ्रष्टाचार के कारण ही देश मे बेरोजगारी पैदा होती चली आयी है जिसके कारण भूख व अपराध को बढ़ावा मिला जिससे देश को भारी नुकसान होता आ रहा है ।
यदि राजनीति से भ्रष्टाचार खत्म हो जाए तो प्रतिवर्ष दस लाख करोड़ से अधिक धन देश के विकास मे खर्च होगा , करोड़ो युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान होंगे , देश में औद्योगिक विकास होगा एवं राष्ट्र मे चौतरफा उन्नति होगी , शिक्षा मे सुधार होगा गरीबो को निःशुल्क शिक्षा प्राप्त होगी और देश सुदृढ़ , खुशहाल व अपराध मुक्त होगा ।
हमारे राजधर्म या राजनीति , राज्य - व्यवस्था , लोकतन्त्र के आदर्श हैं - मर्यादा पुरुषोत्तम राजा राम , योगेश्वर श्रीकृष्ण , चन्द्रगुप्त , विक्रमादित्य , सम्राट अशोक , छत्रपती शिवाजी महाराज , नेताजी सुभाषचन्द्र बोस , बाल गंगाधर तिलक , गोखले, महात्मा गाँधी जी , सरदार बल्लभ भाई पटेल ( लौह पुरुष ), लाल बहादुर शास्त्री व अटल बिहारी बाजपई आदि जैसे कई महान व राष्ट्र भक्त नेता मिले जो देश के लिए समर्पित हुवे ।
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हम जीतने भी सांसद या विधायक चुनते है जिसे हम सरल भाषा मे जन प्रतिनिधि कहते है जिनको हम चुनकर देश व राज्य की सत्ताओं के शीर्ष पद व संसद मे बैठाते है वह संसद राष्ट्र की शक्ति व संपत्ति का सर्वोपरि केंद्र है । देश की संसद ही देश की पूरी व्यवस्था बनाने के लिए है जिसमे की देश के शिक्षा , स्वास्थ , अर्थव्यवस्था , कानून व सुरक्षा , रोजगार व अन्य कार्यो की जवाबदेही सरकार की होती है जो केंद्र पर राज करती है देश की कृषि व्यवस्था को उन्नत बनाना , जिससे कि देश मे भूख व अन्न कि समस्या न हो और देश कि श्रमशक्ति का सही उपयोग करके देश से बेरोजगारी , गरीबी , भूख व अशिक्षा को मिटाकर देश का विकास करना , देश कि सरकार कि ज़िम्मेदारी होती है । यदि देश कि राजनीति ठीक होती है तो देश कि पूरी व्यवस्था ठीक चलती है जिससे कि देश के नागरिकों मे खुशी का माहौल रहता है । राजनीति , राष्ट्रवाद , राष्ट्रधर्म से हमारा अभिप्राय है राष्ट्र कि उन सभी व्यवस्था , नियम - कानून , आदर्श - मूल्य व परंपरा से है जिनपर चलकर देश मे सुख - समृद्धि एवं खुशहाली आती है और देश निरंतर विकास कि दिशा मे आगे बढ़ता है । लेकिन दुर्भाग्य से देश कि सरकार को दिशा निर्देश देने वाला ही आज तक सही नही मिला जिसके कारण पूरे देश कि हालत अभी भी खराब है और इनके कारण देश मे भ्रष्टाचार है और भ्रष्टाचार के कारण ही देश मे बेरोजगारी पैदा होती चली आयी है जिसके कारण भूख व अपराध को बढ़ावा मिला जिससे देश को भारी नुकसान होता आ रहा है ।
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हमारे राजधर्म या राजनीति , राज्य - व्यवस्था , लोकतन्त्र के आदर्श हैं - मर्यादा पुरुषोत्तम राजा राम , योगेश्वर श्रीकृष्ण , चन्द्रगुप्त , विक्रमादित्य , सम्राट अशोक , छत्रपती शिवाजी महाराज , नेताजी सुभाषचन्द्र बोस , बाल गंगाधर तिलक , गोखले, महात्मा गाँधी जी , सरदार बल्लभ भाई पटेल ( लौह पुरुष ), लाल बहादुर शास्त्री व अटल बिहारी बाजपई आदि जैसे कई महान व राष्ट्र भक्त नेता मिले जो देश के लिए समर्पित हुवे ।
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